Wednesday, 14 November 2012

"भ्रष्टाचार"














कुछ दिनों से सब जगह भ्रष्टाचार के बारे में सुन रहा था,
आखिर ये हैं क्या बला, कोरी कल्पनाए बुन रहा था,
पहले तो लगा कि ये कोई नए किस्म का अचार हैं,
जिसका नया नया शुरू हुआ भारत में व्यापार हैं,

पर फिर पता चला की कोई हुआ हैं टू जी घोटाला,
जिसमे था भ्रष्टाचार का बोलबाला,
फिर कामनवेल्थ, कोल् गेट और हुए कई नए नए घोटाले युक्त काम,
इन सभी में फिर से आया भ्रष्टाचार का नाम,

अब तो मेरी जिज्ञासा और अधिक जाग चुकी थी,
अब सच्चाई थी जाननी मुझे, कल्पनाए सारी भाग चुकी थी,
तो लेकर अपने इस सवाल के जवाब की आस,
मैं जा पहुंचा एक नेता जी के पास,
बोला, नेता जी, इस सवाल के जवाब के लिए कई जगह मैंने धक्के खा लिए,
अब आप ही इस विषय पर थोड़ा प्रकाश डालिए,

नेता जी बोले, सरल शब्दों में कहूँ तो भ्रष्टाचार राजनीति का शिष्टाचार हैं,
एक नियमावली हैं जिसके आधार पर चलता अपना व्यापार हैं,
जो पैसा जनता के हित्त के लिए हमें मिलता हैं,
अपने घर का खर्चा भी उसी से चलता हैं,

अब मेरी समझ में पूरी तरह आ चुका था भ्रष्टाचार का खेल,
समझ चुका था ये नेता लोग रहे हैं अपना ही पैसा पेल
पर समय कहाँ था की करूँ भ्रष्टाचारियों से दो-दो हाथ,
तो मैं भी शामिल हो गया उस भीड़ में, जो कहती थी, "अन्ना तुम संघर्ष करो, हम हैं तुम्हारे साथ"

Friday, 9 November 2012

रिसर्च: ट्विट्टर के कीड़े



















"आज के युग में वैज्ञानिको ने कीट पतंगों के साथ साथ एक बिलकुल नए कीड़े की खोज की हैं! इनका सम्बन्ध ट्विट्टर के साथ हैं अतः इन्हें ट्विट्टर के कीड़े कहा जाता हैं!"

प्राप्ति स्थान:- यह कीड़े प्राय गर्मियों में प्रकृति की शांत गोद में, बागों में, पेड़ों की छांया में, घर की छतो पर तथा सर्दियों में बंद घरों के कोनो में ट्वीट करते हुए पाए जाते हैं! ये कीड़े पूरी रात जागते हैं!

उत्पत्ति विधि:- इन्टरनेट तथा सोशल नेटवर्किंग नामक उत्प्रेरको के साथ तीव्र ट्वीट क्रिया करने पर यह कीड़े प्राप्त होते हैं!

                       इन्टरनेट + सोशल नेटवर्किंग + ट्वीट क्रिया ------> ट्विट्टर के कीड़े


भौतिक गुण:- इनका रंग साधारणतया पीला, आँखें अन्दर को धंसी हुई, छुपी तथा स्वभाव चिंताजनक पाया जाता हैं!

रासायनिक गुण:- यदि इन ट्विट्टर के कीड़ों को अधिक वायुमंडलीय दबाव पर लगभग 5 ग्राम हंसी मजाक के साथ ट्रोल किया जाए तो एक विशेष प्रकार के चिडचिडेपन की उत्पत्ति होती हैं!

                      ट्विट्टर के कीड़े + 5 ग्राम हंसी मजाक के साथ ट्रोल + वायुमंडलीय दबाव ------> चिडचिडापन


पहचान:- आँखें हमेशा मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन पर चिपकी हुई, कुछ फैशन से बिलकुल दूर और कुछ उससे भरपूर, हर समय राजनीति, फिल्मों या खेल की बातें करना, समाज के निकट होते हुए भी ये समाज से अपरिचित होते हैं!


नोट: "ये रचना मेरे द्वारा कुछ वर्षो पहले एक पत्रिका में पढ़ी गयी रचना से प्रेरित हैं!"