
सर्दियाँ आ गयी हैं,
गिर गया हैं तापमान,
बाकी चीज़ें तो ठीक हैं,
पर मुश्किल हो गया हैं स्नान,
सर्दियों की धुंध वाली सुबह,
दिल को डराती हैं,
नहाने के विचार मात्र से ही,
रूह सिहर जाती हैं,
बड़ी दुविधा में रहता हूँ मैं आजकल,
क्योंकि गरम पानी से नहाने में जाती मेरी शान हैं,
और ठन्डे पानी से नहाना भी तो आत्महत्या के समान हैं,
इसीलिए आजकल सूर्य देव के दर्शन का रहता हैं इंतज़ार,
सूर्य की किरणे दिखने पर ही किया जाता हैं नहाने पर विचार,
इसीलिए जिस दिन सूर्य के दर्शन नहीं हैं होते,
उस दिन केवल हम हाथ मुह हैं धोते,
आपसे भी मेरी यही विनती हैं,
सिर्फ नहाने मात्र से नहीं होनी सभ्य लोगो में आपकी गिनती हैं,
इसीलिए सभी स्तीथियो का ले भलि भाँति संज्ञान,
और कुछ दिन छोड़ छोड़ करें सर्दियों में स्नान!!
Image Courtesy - Google Images
Good One!!
ReplyDeleteThanks Dr. MindBoggling :)
DeleteHahaha :D mast hai boss ;)
ReplyDeleteThanks Ravi Bhai :)
DeleteAzzzzzzzuuuyuyuuuuyyyyyy........ :-) :-) mast hai...
ReplyDeleteThank You So Much Aduuuuuuuu :D
ReplyDelete:P :P
ReplyDeletesuper mastt...:P
ReplyDeleteThanks Namita :)
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