
"आज के युग में वैज्ञानिको ने कीट पतंगों के साथ साथ एक बिलकुल नए कीड़े की खोज की हैं! इनका सम्बन्ध ट्विट्टर के साथ हैं अतः इन्हें ट्विट्टर के कीड़े कहा जाता हैं!"
प्राप्ति स्थान:- यह कीड़े प्राय गर्मियों में प्रकृति की शांत गोद में, बागों में, पेड़ों की छांया में, घर की छतो पर तथा सर्दियों में बंद घरों के कोनो में ट्वीट करते हुए पाए जाते हैं! ये कीड़े पूरी रात जागते हैं!
उत्पत्ति विधि:- इन्टरनेट तथा सोशल नेटवर्किंग नामक उत्प्रेरको के साथ तीव्र ट्वीट क्रिया करने पर यह कीड़े प्राप्त होते हैं!
इन्टरनेट + सोशल नेटवर्किंग + ट्वीट क्रिया ------> ट्विट्टर के कीड़े
भौतिक गुण:- इनका रंग साधारणतया पीला, आँखें अन्दर को धंसी हुई, छुपी तथा स्वभाव चिंताजनक पाया जाता हैं!
रासायनिक गुण:- यदि इन ट्विट्टर के कीड़ों को अधिक वायुमंडलीय दबाव पर लगभग 5 ग्राम हंसी मजाक के साथ ट्रोल किया जाए तो एक विशेष प्रकार के चिडचिडेपन की उत्पत्ति होती हैं!
ट्विट्टर के कीड़े + 5 ग्राम हंसी मजाक के साथ ट्रोल + वायुमंडलीय दबाव ------> चिडचिडापन
पहचान:- आँखें हमेशा मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन पर चिपकी हुई, कुछ फैशन से बिलकुल दूर और कुछ उससे भरपूर, हर समय राजनीति, फिल्मों या खेल की बातें करना, समाज के निकट होते हुए भी ये समाज से अपरिचित होते हैं!
नोट: "ये रचना मेरे द्वारा कुछ वर्षो पहले एक पत्रिका में पढ़ी गयी रचना से प्रेरित हैं!"
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